ये नशा ठीक है
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ये नशा ठीक है
कि मैं झूमता हूँ
किसी को प्यार देकर
किसी का प्यार पाकर
ये नशा ठीक है
कि लड़खड़ाते हैं मेरे पाँव
जब चलता हूँ उठाकर
किसी लाचार का बोझ
ये नशा ठीक है
कि मेरी आँखें हो जाती हैं लाल
जब झकझोरता है कोई
किसी का आत्मसम्मान
ये नशा ठीक है
कि खौलता है मेरे रगों का खून
जब करता है कोई राष्ट्रद्रोह
ये नशा ठीक है
कि हो जाता हूँ मौन
कि जब बोलता है कोई कटुवचन
अगर डूबा रहा इसी नशे में
तो बचा लूँगा अपने आपको,उस नशे से
जिसमे आदमी डूबकर बनता है अमानुष l
------ वेद
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ये नशा ठीक है
कि मैं झूमता हूँ
किसी को प्यार देकर
किसी का प्यार पाकर
ये नशा ठीक है
कि लड़खड़ाते हैं मेरे पाँव
जब चलता हूँ उठाकर
किसी लाचार का बोझ
ये नशा ठीक है
कि मेरी आँखें हो जाती हैं लाल
जब झकझोरता है कोई
किसी का आत्मसम्मान
ये नशा ठीक है
कि खौलता है मेरे रगों का खून
जब करता है कोई राष्ट्रद्रोह
ये नशा ठीक है
कि हो जाता हूँ मौन
कि जब बोलता है कोई कटुवचन
अगर डूबा रहा इसी नशे में
तो बचा लूँगा अपने आपको,उस नशे से
जिसमे आदमी डूबकर बनता है अमानुष l
------ वेद
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